I know how to rule the world,
But she taught me to win hearts;
I know how to hide my grief,
But she taught me to come over it;
I know how to enjoy myself,
But she taught me to feel it;
I know how to live in the world,
But she taught me to make it livable;
I know how to love others,
But she taught me to be lovable;
I know how to apologize,
But she taught me to say sorry;
I know how to be polite,
But she taught me to be humble;
I know how to be independent,
But she taught me to understand people;
I know how to love someone,
But she taught me to respect distances;
I know how to keep you in heart always,
But she taught me how to let one go;
I know how to get her,
But she betrayed her dreams to me.
Wednesday, September 8, 2010
Sunday, September 5, 2010
परदा-ए-हया
समझता हूँ तू मेरा साथ नही दे सकती,
कारवाँ अपनी यादों का अपने साथ ले जाती |
जानता हूँ कैसे बहलाना है दिल को,
मगर, मासूम को यूँ मचला ना जाती |
पता है मिलने की वजह नही कोई,
ख्वाबों मे आना तो बंद कर जाती |
नही मुनासिब तेरी ज़ुबान से ताले गिरना
तन्हाइयों को मेरी अपनी आवाज़ तो ना दे जाती |
वाक़िफ़ हूँ तेरी मजबूरी से मैं भी,
प्यार में मुझे मजबूर तो ना कर जाती |
याद है कसम-ए-दूरी तेरी मुझे भी,
इंतकाल-ए-कसम कभी तो कर जाती |
सुना है मैंने इश्क़ नाम है दर्द का,
इस दर्द को इतना मीठा ना बना जाती |
मुमकिन नही रुसवाँ परदा-ए-हया दरमियाँ हमारे,
फिर बेहया मुझे बेदर्द जमाने में ना कहलवा जाती |
कारवाँ अपनी यादों का अपने साथ ले जाती |
जानता हूँ कैसे बहलाना है दिल को,
मगर, मासूम को यूँ मचला ना जाती |
पता है मिलने की वजह नही कोई,
ख्वाबों मे आना तो बंद कर जाती |
नही मुनासिब तेरी ज़ुबान से ताले गिरना
तन्हाइयों को मेरी अपनी आवाज़ तो ना दे जाती |
वाक़िफ़ हूँ तेरी मजबूरी से मैं भी,
प्यार में मुझे मजबूर तो ना कर जाती |
याद है कसम-ए-दूरी तेरी मुझे भी,
इंतकाल-ए-कसम कभी तो कर जाती |
सुना है मैंने इश्क़ नाम है दर्द का,
इस दर्द को इतना मीठा ना बना जाती |
मुमकिन नही रुसवाँ परदा-ए-हया दरमियाँ हमारे,
फिर बेहया मुझे बेदर्द जमाने में ना कहलवा जाती |
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