आज हर भीड़ का हिस्सा हूँ मैं,
कोई 'अपने' गैरों में गिने तो चैन आये |
मेरे मुस्कराहट की कायल है दुनियाँ
कोई जी भर के रुला जाए तो चैन आये |
बहुत हसीन तस्वीर है यादों की मेरे पास,
कोई उनमे रंग भर दे तो चैन आये |
मीठी धुनें गूंजती हैं चहुं और,
कोई सच्ची डांट सुना जाए तो चैन आये |
मीठी नींद की गोद में होती है रात मेरी,
कोई बेवक्त जगा जाए तो चैन आये |
बड़ी तल्लीनता से कट रहें हैं दिन अब,
कोई घड़ी भर भी बैचेन कर जाए तो चैन आये |