Saturday, June 26, 2010

सपना

कैसी ये मतवाली रात आई है,
तन्हा नहीं मेरी तन्हाई है |
ख़्वाहिश एक अपने की थी मन में,
तू क्यूँ मेरी यादों में चली आई है |

जब देखा है यादों के झरोखों से,
हर बार मैनें तेरी ही सूरत ही पायी है |
तू ही बता कितना वाज़िफ है वहम मेरा,
सुना है मेरी परछाई ने कल तेरे सपनों मे जगह पायी है ।

Thursday, June 17, 2010

पहली बारिश

आज फिर सावन की सलोनी घटा छाई है,
धीमे से मेरे कानों में जाने क्या बुदबुदाई है|
छुपा रखा था दिल अपना सीने में कहीं,
और पहली बारिश की बूँदें हिय को छू आई हैं |

बात ये नहीं की दिल धड़का पहली बार है,
ना ही तुझपे आया पहली बार प्यार है |
मेरे नयनों में बस तू ही एक बसी है,
पर जब मिलें है तुझसे नयन, और भी ज़्यादा छाया खुमार है |

बाहर वर्षा से तृप्त होती सृष्टि, मगर
भीतर क्यों मासूम दिल बेकरार है |
मत स्पर्श होने दे इन चंचल बूँदों का अपने तन से,
अमृत बन जाने का इनपे जुनून सवार है |

खुशी में झूम रही है पगली बारिश आज,
क्या पहली बार सावन ने तेरा आँचल पार किया है |
या ये बस उन नज़रों का कमाल है,
जिन्होनें सीधे मेरे नासमझ दिल पे वार किया है |

Saturday, June 5, 2010

The incomplete

I don't remember you,
Neither I wanna do,
But I don't forget too.

Deep in my heart,
There is a left room.
The name outside says
Its a permanent place for you.

Tell me when did you get it
Tell me why did you opt it,
Promise me to leave it

If cant be loved by you...