Sunday, July 21, 2013

कभी सोचा ना था इतने  अकेले हो जायेंगे,
अपनों की भीड़ में कही खो जायेंगे;
अपनों के साथ देखे जो सपने थे मैंने ,
वो सपने मेरी गीली आँखों में सो जायेंगे..

Sunday, October 21, 2012

डर लगता है...


खो चूका हूँ इतना कुछ मैं की
अब मिलने की आस से डर लगता है।

ठुकराया गया हूँ कुछ इस तरह की
अब चाहत की चाह से डर लगता है।

दिल में मेरे मोहब्बत-ए-जहाँ है तो क्या
रुसवाई-ए-हुस्न से डर लगता है।

खायी है ठोकर इस राह में कुछ ऐसी की
राह-ए-मोहब्बत में नज़र से डर लगता है।

डर नहीं मुझे मेरे दास्ताँ-ए-दिल बयां करने का
उनके तेरे आँखों का पानी बन जाने से डर लगता है।

Saturday, October 6, 2012

Lost

Suddenly when everything stops and no spree
Hold my hand and whisper to me,
"Idiot! I always was and I always be;
Nothing here I am living for
but the smile you threw to me"

Today everything is stopped and no spree,
Then why no signs from you I can see.
Forgotten I am breathing for you,
You are so far where I cannot be.

I have hope you will return,
I have hope to get the clue;
The clue which will prove
that you cannot forgot me,
that the love, our love is true.

Tuesday, December 27, 2011

ऐ खुदा


आज ज़िंदगी थमती जा रही है,
मगर कुछ है जो साँसों की गिनती ख़त्म नही होती |
खामोश है सारा जहाँ, सारी फिजायें,
कहाँ से आती तेरी गूँज है जो मुझे रुकने नही देती |
आज है मेरी आवाज़ किसी कब्र की खामोशी सी,
कैसे शब्द हैं की ज़रूरत-ए-बोल-ए-खुद महसूस नही होती |
नामालूम मकसद-ए-ज़िन्दगी अपना,
मगर तेरे साथ के साथ कोई कमी रूबरू नही होती |

थक गया हूँ सबसे लड़ते लड़ते,
एक तेरा साथ है जो मेरी हार होने नही देता |
शुक्रिया तेरा खुदा मुझे अपनाने का,
अंकुश तेरे बिना ये लम्हा ज़िन्दगी नही होता |

Monday, December 26, 2011

जब मैं चला जाऊँगा


जो ना रहूं कल मैं तो,
तुम ना आँसू बहाना;
तेरी मुस्कुराहट में जान है मेरी,
एक बात तो मेरी आज़माना|

तेरी खामोशी से तड़प जाता हूँ मैं,
तेरे गम से मर के भी ना चैन पाऊँगा;
कुछ महसूस करो तो साथ बिताए लम्हें करना,
तेरी हँसी में मैं भी गुनगुनाऊँगा;

छोड़ जाना तुझे कैसे मुमकिन होगा
दिल में हूँ तो तेरी सांसो मे भी मुस्कुराऊँगा;
जब मैं चला जाऊँगा...

Monday, September 5, 2011

सच

आज हर भीड़ का हिस्सा हूँ मैं,
कोई 'अपने' गैरों में गिने तो चैन आये |

मेरे मुस्कराहट की कायल है दुनियाँ
कोई जी भर के रुला जाए तो चैन आये |

बहुत हसीन तस्वीर है यादों की मेरे पास,
कोई उनमे रंग भर दे तो चैन आये |

मीठी धुनें गूंजती हैं चहुं और, 
कोई सच्ची डांट सुना जाए तो चैन आये |

मीठी नींद की गोद में होती है रात मेरी,
कोई बेवक्त जगा जाए तो चैन आये |

बड़ी तल्लीनता से कट रहें हैं दिन अब,
कोई घड़ी भर भी बैचेन कर जाए तो चैन आये |

Tuesday, August 16, 2011

शायरी

किसी ने हमसे फ़रमाया उन्हें भी शायरी करना सीखना है,
सुना शायरी किसी को अपनी और घसीटना है |
हमने जवाब दिया, एक आप ही तो कला के कद्रदान हैं,
वरना आज के ज़माने में शायर बन किसे जनता से पीटना है |


फिर उनका भोला चेहरा देख के दिल पसीज गया,
और शायर से एक और शेर फिसल गया;

क्या कहूँ दिल की स्याह किस रंग आएगी,
शायरी बनेगी जब उसकी याद तडपाएगी;
मगर मत करना भूल इसे आजमाने की,
मेरी तो मानी नहीं, तेरी वाली भी भाग जाएगी...