Sunday, November 21, 2010

दीप

एक दीप की तरह हूँ मैं,
जल कर भी तुझे रोशन कर जाऊँगा ।
रखूँगा तेरी दुनिया को प्रकाशित मैं,
नहीं अपने घर अंधरे की सुध मनाऊँगा ।
महकेगी तेरी देहरी मेरी खुशबु से,
बुझ कर भी तुझे काजल दे जाऊँगा ।
एक दीप की तरह हूँ मैं,
जल कर भी तुझे रोशन कर जाऊँगा ।

Wednesday, September 8, 2010

She

I know how to rule the world,
But she taught me to win hearts;

I know how to hide my grief,
But she taught me to come over it;

I know how to enjoy myself,
But she taught me to feel it;

I know how to live in the world,
But she taught me to make it livable;

I know how to love others,
But she taught me to be lovable;

I know how to apologize,
But she taught me to say sorry;

I know how to be polite,
But she taught me to be humble;

I know how to be independent,
But she taught me to understand people;

I know how to love someone,
But she taught me to respect distances;

I know how to keep you in heart always,
But she taught me how to let one go;

I know how to get her,
But she betrayed her dreams to me.

Sunday, September 5, 2010

परदा-ए-हया

समझता हूँ तू मेरा साथ नही दे सकती,
कारवाँ अपनी यादों का अपने साथ ले जाती |

जानता हूँ कैसे बहलाना है दिल को,
मगर, मासूम को यूँ मचला ना जाती |

पता है मिलने की वजह नही कोई,
ख्वाबों मे आना तो बंद कर जाती |

नही मुनासिब तेरी ज़ुबान से ताले गिरना
तन्हाइयों को मेरी अपनी आवाज़ तो ना दे जाती |

वाक़िफ़ हूँ तेरी मजबूरी से मैं भी,
प्यार में मुझे मजबूर तो ना कर जाती |

याद है कसम-ए-दूरी तेरी मुझे भी,
इंतकाल-ए-कसम कभी तो कर जाती |

सुना है मैंने इश्क़ नाम है दर्द का,
इस दर्द को इतना मीठा ना बना जाती |

मुमकिन नही रुसवाँ परदा-ए-हया दरमियाँ हमारे,
फिर बेहया मुझे बेदर्द जमाने में ना कहलवा जाती |

Saturday, June 26, 2010

सपना

कैसी ये मतवाली रात आई है,
तन्हा नहीं मेरी तन्हाई है |
ख़्वाहिश एक अपने की थी मन में,
तू क्यूँ मेरी यादों में चली आई है |

जब देखा है यादों के झरोखों से,
हर बार मैनें तेरी ही सूरत ही पायी है |
तू ही बता कितना वाज़िफ है वहम मेरा,
सुना है मेरी परछाई ने कल तेरे सपनों मे जगह पायी है ।

Thursday, June 17, 2010

पहली बारिश

आज फिर सावन की सलोनी घटा छाई है,
धीमे से मेरे कानों में जाने क्या बुदबुदाई है|
छुपा रखा था दिल अपना सीने में कहीं,
और पहली बारिश की बूँदें हिय को छू आई हैं |

बात ये नहीं की दिल धड़का पहली बार है,
ना ही तुझपे आया पहली बार प्यार है |
मेरे नयनों में बस तू ही एक बसी है,
पर जब मिलें है तुझसे नयन, और भी ज़्यादा छाया खुमार है |

बाहर वर्षा से तृप्त होती सृष्टि, मगर
भीतर क्यों मासूम दिल बेकरार है |
मत स्पर्श होने दे इन चंचल बूँदों का अपने तन से,
अमृत बन जाने का इनपे जुनून सवार है |

खुशी में झूम रही है पगली बारिश आज,
क्या पहली बार सावन ने तेरा आँचल पार किया है |
या ये बस उन नज़रों का कमाल है,
जिन्होनें सीधे मेरे नासमझ दिल पे वार किया है |

Saturday, June 5, 2010

The incomplete

I don't remember you,
Neither I wanna do,
But I don't forget too.

Deep in my heart,
There is a left room.
The name outside says
Its a permanent place for you.

Tell me when did you get it
Tell me why did you opt it,
Promise me to leave it

If cant be loved by you...

Monday, April 26, 2010

I'm

I'm strong to let you go
I'm weak to never show
I'm good enough to be
But, I'm fool to me

I'm the way you would like
I'm me from inside,
I'm different in every movement though,
I'm always you for you.