Thursday, April 16, 2009

रहते हैं वो किसी के ख्यालों में पर कहते हैं मुझे किसी की याद नही,
भेजते हैं किसी को संदेश पर कहते हैं कोई ख़ास नही,
पूछते हैं हाल उनका सबसे और कहते हैं कोई वैसी बात नही,
बताता हूँ उन्हे ये प्यार है जनाब, तो कहते हैं, 
किसी से  बयाँ हो जाए, प्यार इतना सस्ता ज़ज्बात नही |

5 comments:

दिगम्बर नासवा said...

बताता हूँ उन्हे ये प्यार है जनाब, तो कहते हैं,
किसी से बयाँ हो जाए, प्यार इतना सस्ता ज़ज्बात नही |

सच कहा.......प्यार तो ऐसा ही होता है ...............इतनी आसानी से जज्बात बाहर नहीं आते
सुन्दर लिखा है

गोविंद गोयल, श्रीगंगानगर said...

narayan..narayan...narayan

alka mishra said...

चाहे जीवन में फूल खिले
पहले काँटों से प्यार करो
जीने की लगन लगी हो तो
पहले मरना स्वीकार करो
खुशामदीद
स्वागतम
हमारी बिरादरी में शामिल होने पर बधाई
जय हिंद

Puneet said...

nice work bacha ....ispr@gya

Ankush Agrawal said...

thank sir